28 Feb 2023

पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरा - धूम्रपान

प्रश्न- तम्बाकू में कितने यौगिक पाये जाते हैं? इनमें से कितने खतरनाक ज़हर हैं?
उत्तर- तम्बाकू में लगभग 800 यौगिक पाये जाते हैं जिसमें से 33 प्रकार के यौगिक अत्यन्त जहरीले हैं।
प्रश्न- तम्बाकू में पाये जाने वाले अत्यन्त जहरीले यौगिक कौन—कौन से हैं?
उत्तर- निकोटीन, फिराडीन बेसेस, एकरोलीन, कोलीडीन, प्रूसिक एसिड, अमोनिया, पाईरीन, फुरफुरल, राजोलीन, कार्बोलिक एसिड, पोलिनियम, रेडियम, कार्बन मोनोऑक्साइड, संखिया आदि अत्यन्त जहरीले यौगिक तम्बाकू में पाये जाते हैं।
प्रश्न- एक किलोग्राम तम्बाकू में कितना निकोटिन पाया जाता है?
उत्तर- एक किलो तम्बाकू में 800 से 1000 ग्रेन के लगभग निकोटिन पाया जाता है जो कि खतरनाक विष है।
प्रश्न- कितने शुद्ध निकोटिन से व्यक्ति की मौत हो सकती है?
उत्तर- मात्र डेढ़ ग्रेन शुद्ध निकोटिन व्यक्ति की जान ले सकता है।
प्रश्न- एक सिगरेट में कितना निकोटिन होता है?
उत्तर- एक सिगरेट में आमतौर पर एक ग्रेन तम्बाकू होता है जिसमेंं ढाई से चार मिलीग्राम निकोटिन पायी जाती है।
प्रश्न- तम्बाकू के सेवन से होने वाली व्याधियों के नाम बताएं?
उत्तर- तम्बाकू के प्रयोग से अस्थियां व अस्थि रज्जु कमजोर हो जाते हैं, फेफड़े क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तथा खांसी व टी.बी. हो जाती है,  मुंह व फेफड़ों का कैंसर हो जाता है, स्मरण शक्ति का ह्रास, अनिन्द्रा तथा बेचैनी जैसी समस्या भी हो जाती है। तम्बाकू से ट्टटोबैको एमाब्लियोपिया’ नामक रोग भी हो सकता है जिससे आँखों की रोशनी जा सकती है।
प्रश्न- भारत में तम्बाकू के प्रयोग से प्रतिदिन कितने लोग मौत का शिकार बनते हैं?
उत्तर- स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 2200 लोग।
प्रश्न- क्या फिल्टरयुक्त सिगरेट पीने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव नहीं होता?
उत्तर- यह गलत धारणा है कि फिल्टरयुक्त सिगरेट पीने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव नहीं होता। फिल्टर केवल तीन—चार कश लेने तक कुछ तत्त्वों को रोक पाता है। मगर बाद में वे भी शरीर में पहुंचने लगते हैं।
प्रश्न- क्या हुक्के का सेवन स्वास्थ्य पर कुप्रभाव नहीं डालता?
उत्तर- हुक्के का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए घातक है। क्योंकि हुक्के का पानी भी सभी जहरीले तत्त्वों को रोक नहीं सकता। हालांकि इसमें कुछ मात्रा में जहरीले तत्त्व अवश्य घुल जाते हैं।
प्रश्न- क्या सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करने की अनुमति है?
उत्तर- नहीं। सार्वजनिक स्थानों व सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में धुम्रपान करना दण्डनीय अपराध है।
प्रश्न- क्या तम्बाखू व गुटखा का विज्ञापन किया जा सकता है?
उत्तर- नहीं। तम्बाखू व गुटखे का प्रचार नहीं किया जा सकता क्योंकि दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हंै।
प्रश्न- तम्बाकू जनित रोगों से कितने लोगों की मौत होती है?
उत्तर- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार तम्बाकू जनित रोगों के कारण विश्व में 40 लाख लोग सालाना अकाल मृत्यु के शिकार हो जाते हैं अर्थात 11 हजार व्यक्ति प्रतिदिन काल का ग्रास बनते हैं।
प्रश्न- भारत में तम्बाकू जनित रोगों से कितने लोगों की हर वर्ष मौत हो जाती है?
उत्तर- दुनियाभर में सालाना मरने वाले 40 लाख लोगों में से 20 प्रतिशत भारतीय होते हैं जबकि हमारी आबादी विश्व का 16 प्रतिशत ही है।
प्रश्न- वैश्विक धुम्रपान निषेध—सन्धि कब लागू हुयी?
उत्तर- 28 फरवरी, 2005 से।
प्रश्न- तम्बाकू निषेध दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर- 31 मई को।
प्रश्न- भारत में कितने प्रतिशत लोगों को तम्बाकू से कैंसर होता है?
उत्तर- विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पुरूषों में होने वाले 50 प्रतिशत कैंसर तथा महिलाओं में होने वाले 25 प्रतिशत कैंसर गुटखा के पाउच के रूप में प्रचलित तम्बाकू सेवन से होते हैं। 

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